सी.ए. पर अवैध वसूली का आरोप

कभी सोचा न था कि मंदी का दौर इतना भारी पडेगा कि प्रतिष्ठित समझा जाने वाला सी.ए. फार्म के सत्यापन के बदले में पाँच-पाँच सौ रूपये वसूल कर खर्चा चलायेगा पर यह घटना सत्य है। कानपुर के एक चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट ने यह कारनामा किया है। उसने अपने अण्डर में काम करने वाले सी.ए. छात्रों के परीक्षा फार्म पर हस्ताक्षर करने के बदले में पाँच सौ रूपये वसूलना शुरु कर दिया। छात्रों ने इस घटना की लिखित शिकायत भारतीय चार्टर्ड लेखाकार संस्‍थान (आईसीएआई) कानपुर में देकर संबन्धित सी.ए. के खिलाफ कार्यवाई करने की गुजारिष की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट मंयक गर्ग ने सी.ए.में अध्यनरत छात्र राकेष कुमार शर्मा के एक परीक्षा फार्म पर हस्ताक्षर किए थे। छात्र राकेष मंयक के अण्डर में पेड स्टाफ के रूप में कार्य करता था। और वह सी.ए. पी.ई.-2 का छात्र है। राकेष ने मंयक से अपने परीक्षा फार्म पर सत्यापन के लिए हस्ताक्षर कराये थे। क्योंकि परीक्षा फार्म पर किसी सी.ए. के हस्ताक्षर होने जरूरी होते है। जिसके बदले में मंयक ने राकेष से 500 रूपये बतौर सत्यापन फीस वसूल कर लिए जो कि अवैधानिक है और व्यवसायिक कदाचार की श्रेणी में आता है। काम करा कर भुगतान न देने के आरोप भी कई अन्य छात्रों ने गर्ग पर लगाये हैं । शनिवार को छात्रों ने गर्ग के आफिस के बाहर हंगामा व नारेबाजी की ।

मंयक गर्ग वर्तमान समय में बिराहाना रोड स्थिति ‘नवल किशोर एण्ड कम्पनी’ चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट फार्म में साझेदार है। जिसकी सदस्यता संख्या 77837 है। राकेष शर्मा ने इसकी लिखित शिकायत कानपुर स्थित भारतीय चार्टर्ड लेखाकार संस्थान में की है। जब हमने उक्त सी.ए. से बात की तो उसने रूपये वसूलने के आरोप से इनकार कर दिया और कहा कि मैं किसी राकेष शर्मा को नहीं जानता, उक्त बातों का सबूत दिखाये जाने पर वो इस संवाददाता से बदसलूकी और गालीगलौज करने लगा। इतना ही नहीं उसके खैरख्वाह और लोकल चैनल सूर्या टीवी के मालिक राहुल जैन ने भी इस संवाददाता को फोन पर धमकी दी और खबर दबाने का फरमान दे डाला।

छात्र राकेष शर्मा ने हमें बताया कि उसने 14 फरवरी 09 से 20 मार्च 09 तक उक्त मयंक गर्ग के अण्डर में काम किया है। राकेष का यह भी कहना है कि इस बीच वे 4 मार्च से 8 मार्च 09 तक मुझे आफिस के काम से भोपाल भी ले गये। यदि वे मुझे पहचानने से इनकार करते है तो उनके यहां काम के दौरान हस्ताक्षर कैसे हुये। मेरे परीक्षा फार्म पर उनके हस्ताक्षर इसका सबूत है।
अब सी.ए. मंयक गर्ग के खिलाफ (आईसीएआई) कितनी सख्त कार्यवाही करती है यह तो समय बतायेगा पर इतना तो तय है कि गर्ग द्वारा व्यवसायिक कदाचार किया गया है जो उन्हें कतई शोभा नहीं देता।

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